जिला पदाधिकारी, वैशाली की सक्रिय पहल, किसानों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई
जिला पदाधिकारी द्वारा पैक्सों, पंजीकृत राईस मिलरों, किसानों के साथ महत्वपूर्ण बैठक
जिला प्रशासन, वैशाली द्वारा खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता एवं किसान हितैषी दृष्टिकोण के साथ संचालित किए जाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। धान के गैर-उठाव, भुगतान में विलंब एवं अन्य व्यवहारिक कठिनाईयों को लेकर प्राप्त कृषकों की शिकायतों को जिला प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता और सक्रियता से लिया है।
इसी आलोक में दिनांक-16.12.2025 को अपराहन 01:00 बजे जिला पदाधिकारी, वैशाली श्रीमती वर्षा सिंह की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत सभी संबंधित विभागों एवं उनके वरीय पदाधिकारियों, पैक्सों, पंजीकृत राईस मिलरों और सबसे महत्वपूर्ण, वैशाली जिला के कृषक समुदाय के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें किसानों की प्रत्येक शिकायत पर बिन्दुवार विचार-विमर्श कर तत्काल एवं ठोस निर्णय लिए गयें।
जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि धान अधिप्राप्ति कृषकों के हित में बनायी गयी योजना है और इसका हर लाभ अंतिम किसान तक पहुँचाया जाये। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा या मनमानी स्वीकार्य नहीं होगी। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है धान के गैर-उठाव से किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा या आर्थिक क्षति स्वीकार्य नहीं होगा। इसके लिए शिकायतों की समयबद्ध सुनवाई हेतु सुदृढ़ तंत्र तथा स्पष्ट उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
साथ ही, पंजीकृत राईस मिलरों को भी यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि धान उठाव, अग्रिम सी०एम०आर० जमा कराने में कस्टम मिलिंग अथवा चावल जमा (CMR) में राईस मिलरों द्वारा किसी भी प्रकार की मनमानी, विलंब या शर्तों के उल्लंघन को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित समयसीमा एवं समझौते की शर्तों का पालन न करने वाले मिलरों के विरूद्ध तत्काल दंडात्मक कार्रवाई-जैसे काली सूची (Black listing) एवं अन्य विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई शामिल है।
जिलाधिकारी द्वारा सम्पन्न इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिक जिम्मेदारी है तथा इस दिशा में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जाएगी। अधिप्राप्ति प्रक्रिया में बिचौलियों की कोई भूमिका स्वीकार्य नहीं होगी तथा प्रत्येक पात्र किसान को उसका विधिसम्मत अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।






